शव्वाल
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दिन 1
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ईदे फ़ित्रईदे फ़ित्र
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अम्रे आस हलाक हुआ।अम्रे आस हलाक हुआ।
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क़ौमे आद की हलाकत।क़ौमे आद की हलाकत।
दिन 3
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ख़न्दक़ की जंग। ( 5 हि0 क़0 )ख़न्दक़ की जंग। ( 5 हि0 क़0 )
दिन 4
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ग़ैबते कुबरा की शुरुआत। ( 329 हि0 क़0 )ग़ैबते कुबरा की शुरुआत। ( 329 हि0 क़0 )
दिन 5
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हज़रत अली अ0 सिफ़्फ़ीन की जंग के लिए निकले।हज़रत अली अ0 सिफ़्फ़ीन की जंग के लिए निकले।
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जनाबे मुस्लिन कूफ़ा पहुँचे। ( 60 हि0 क़0 )जनाबे मुस्लिन कूफ़ा पहुँचे। ( 60 हि0 क़0 )
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हज़रत अली अ0 ने सूरज को पलटाया। ( 36 हि0 क़0 )हज़रत अली अ0 ने सूरज को पलटाया। ( 36 हि0 क़0 )
दिन 6
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हुनैन की जंग। ( 8 हि0 क़0 )हुनैन की जंग। ( 8 हि0 क़0 )
दिन 7
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ओहद की जंग। ( 3 हि0 क़0 )ओहद की जंग। ( 3 हि0 क़0 )
दिन 8
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जन्नतुल बक़ीय में अय्यम की क़ब्रों को ढाया गया। ( 1344 हि0 क़0 )जन्नतुल बक़ीय में अय्यम की क़ब्रों को ढाया गया। ( 1344 हि0 क़0 )
दिन 10
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हज़रत इमाम रज़ा अ0 मर्व पहुँचे। ( 201 हि0 क़0 )हज़रत इमाम रज़ा अ0 मर्व पहुँचे। ( 201 हि0 क़0 )
दिन 15
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जंगे ओहद और हज़रत हमज़ा की शहादत। ( 3 हि0 क़0 )जंगे ओहद और हज़रत हमज़ा की शहादत। ( 3 हि0 क़0 )
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हज़रत अब्दुल अज़ीम हसनी का देहांत जो इमाम हसन अ0 की नस्ल से हैं। ( 252 हि0 क़0 )हज़रत अब्दुल अज़ीम हसनी का देहांत जो इमाम हसन अ0 की नस्ल से हैं। ( 252 हि0 क़0 )
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फ़ज़ीख़ नाम की मस्जिद में हज़रत अली अ0 ने सूरज को पलटाया अब वो मस्जिद रद्दे शम्स के नाम से प्रसिद्ध है।फ़ज़ीख़ नाम की मस्जिद में हज़रत अली अ0 ने सूरज को पलटाया अब वो मस्जिद रद्दे शम्स के नाम से प्रसिद्ध है।
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बनी क़ैनक़ा की जंग। ( 2 हि0 क़0 )बनी क़ैनक़ा की जंग। ( 2 हि0 क़0 )
दिन 17
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अबा सल्त हरवी का देहांत। ( 207 हि0 क़0 )अबा सल्त हरवी का देहांत। ( 207 हि0 क़0 )
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ख़न्दक़ की जंग। जिसको अहज़ाब भी कहते है। ( 5 हि0 क़0 )ख़न्दक़ की जंग। जिसको अहज़ाब भी कहते है। ( 5 हि0 क़0 )
दिन 20
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हज़रत इमाम मूसा काज़िम अ0 को मदीने से इराक़ भेजा गया। (तड़ीपार किया गया)। ( 179 हि0 क़0 )हज़रत इमाम मूसा काज़िम अ0 को मदीने से इराक़ भेजा गया। (तड़ीपार किया गया)। ( 179 हि0 क़0 )
दिन 25
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इमाम जाफ़रे सादिक़ अ0 की शहादत। ( 148 हि0 क़0 )इमाम जाफ़रे सादिक़ अ0 की शहादत। ( 148 हि0 क़0 )