حضرت امام صادق علیہ السلام نے فرمایا : اگر میں ان(امام زمانہ علیہ السلام) کے زمانے کو درک کر لیتا تو اپنی حیات کے تمام ایّام ان کی خدمت میں بسر کرتا۔
क्या विश्व-युद्ध ज़हूर की निशानियों में से है ?

क्या विश्व-युद्ध ज़हूर की निशानियों में से है ?

सवालः क्या विश्व-युद्ध इमाम--ज़माना अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ के ज़हूर की निशानियों में से हैं ?

जवाबः विश्व-युद्ध इमाम--ज़माना अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ के ज़हूर की निशानियों में से है मगर ज़रूरी नहीं है कि ऐसा हो, बल्कि ये सिर्फ़ एक अनुमान है और किसी भी रेवायत में विश्व-युद्ध को ज़हूर की निशानियों में से नहीं कहा गया है। ये सही है कि कुछ देशों में जनाब सय्यद हसनी का प्रर्दशन और सुफयाने सूरी का आना जंग का कारण बनेगा मगर ये जंगे इमाम--ज़माना अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ के ज़हूर की निशानियों में से हैं या नहीं इसके बारे में रेवायत में कुछ भी बयान नहीं हुआ है। कुछ बुज़ुर्ग ओल्मा के अनुसार चूँकि इमाम--ज़माना अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ का ज़हूर अचानक होगा इसलिए ये  भी संभव है कि वो निशानियाँ जो रेवायत में बतायी गइ हैं वो भी प्रकट ना हों क्योंकि इमाम का ज़हूर होगा ये यक़ीनी है चाहे निशानियाँ प्रकट हों चाहे ना हों।

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