امام صادق فیق پوسی کسل بیونید پقری ناکهوےنمنرونه تهوک نارےنری ژهیوگنگ مه کهوی فیق پوے چوکی بیک پاٍ
हज़रते अब्बास अलैहिस्सलाम का चमत्कार

हज़रते अब्बास अलैहिस्सलाम का चमत्कार

स्वर्गीय मौलाना जनाब ख़लख़ाली अपनी किताब “ हज़रते अब्बास अलैहिस्सलाम का नूरानी चेहरा ”भाग 2, पेज न0 422 में लिखते है :

मौलाना जनाब सीसतानी मुजतहेदी लिखते है :

हाज सय्यद अब्बास रईसी बेहतरीन और पुराने मजलिस पढने वाले थे जो जल्दी ही स्वर्ग वासी हुए हैं वह बयान करते हैं वह हज़रते अब्बास अलैहिस्सलाम को सपना में देखने और उन के द्वारा बीमारी से ठीक होने को इस तरह लिखते हैं :

जाड़े के मौसम मे एक दिन बर्फ गिर रही थी जिस के कारण श्री अब्बास रईसी जमीन पर गिर पड़े और उन का पैर टूट गया कुछ दिन असपताल में भरती थे और ठीक होने की कोई आशा नही थी उन्हीं दिनों के जब वह अपने बेटे के घर में लेटे हुऐ थे कि देखते हैं कि हज़रते अब्बास अलैहिस्सलाम घोड़े पर सवार है और घर के आंगन मे प्रवेश किया और जिस कक्ष मे वह लेटे थे उसमें आऐ और अपने पुराने नोकर अब्बास रईसी को देखा और चले गये।

उस एक नज़र और कृपा का असर यह था की उन की उमर जो कि 80 वर्ष से ज़्यादा थी उस के बाद भी वह असानी से चल फिर सकते थे ।

जो मुरदों मे जान ड़ाल सकता है उस के लिए टूटी हुई हड्डियों को जोङना कोई बड़ी बात नहीं है ।

 

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